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28 महोत्सवों की पहचान गढ़ने वाले सिद्धेश्वर विद्यार्थी सम्मानित,‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराने की मांग

28 महोत्सवों की पहचान गढ़ने वाले सिद्धेश्वर विद्यार्थी सम्मानित,‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराने की मांग

18 सितंबर को देव नामकरण को लेकर गांधी मैदान से समाहरणालय तक होगा प्रदर्शन

   राजेश मिश्रा 
मगध प्रमंडल ब्यूरो

औरंगाबाद। देव महोत्सव के जनक सिद्धेश्वर विद्यार्थी को बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार एवं उच्च शिक्षा मंत्री संजय कुमार टाइगर द्वारा बिहार विधान परिषद सभागार, पटना में ‘बिहार महोत्सव पुरुष’ की उपाधि से सम्मानित किए जाने के बाद सूर्यनगरी देव में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। सहदेव चौधरी पुस्तकालय में आयोजित समारोह में देव महोत्सव, भिखारी महोत्सव, पाताल गंगा महोत्सव एवं मातृ वंदन महोत्सव से जुड़े सदस्यों ने उन्हें अंगवस्त्र एवं सूर्य मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सिद्धेश्वर विद्यार्थी के अथक प्रयासों से आज औरंगाबाद जिले में 28 महोत्सवों का आयोजन हो रहा है। उन्होंने लंबे समय से देव सूर्य मंदिर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।वक्ताओं ने कहा कि देव सूर्य मंदिर एवं उमगा मंदिर की ऐतिहासिक संरचना और विरासत के संरक्षण के उद्देश्य से सिद्धेश्वर विद्यार्थी द्वारा पटना हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है। जिले के विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराने की मांग समारोह में सिद्धेश्वर विद्यार्थी के कार्यों और उपलब्धियों को देखते हुए उनका नाम ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि लगातार महोत्सवों के आयोजन के माध्यम से उन्होंने औरंगाबाद की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने का प्रयास किया है।सम्मान से अभिभूत सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे महोत्सव परिवार के साथियों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि महोत्सवों के माध्यम से औरंगाबाद जिले की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।देव नामकरण को लेकर 18 सितंबर को प्रदर्शनसमारोह में वर्ष 1992 से चल रहे औरंगाबाद जिले का नाम बदलकर ‘देव’ किए जाने के अभियान पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि इस मांग को लेकर 18 सितंबर को सुबह 11 बजे गांधी मैदान से समाहरणालय तक प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए देववासी तैयारी में जुटे हैं।

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