खुरई। क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जारी रिमझिम और तेज बारिश के दौर के बीच रविवार को लोगों को थोड़ी राहत मिली। बीते दिनों हुई हो रही बारिश के कारण क्षेत्र का आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर आ चुके हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा परेशानी ग्रामीण अंचलों में देखी जा रही है, जहाँ कच्चे रास्ते और संपर्क मार्ग पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुके हैं। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस अधिक बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि खेतों में उड़द और मूंग की फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं। यदि समय रहते फसलों की कटाई नहीं की गई, तो लगातार हो रहे जलभराव के कारण ये खेत में ही सड़ जाएंगी। किसानों को आशंका है कि अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो दोनों फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं। वही कुछ हिस्सों में सोयाबीन की फ़सल भी प्रभावित होती दिखाई दे रही है। किसानों के अनुसार इस बार मानसून का मिजाज काफी बदला हुआ रहा। शुरुआत में जुलाई महीने के दौरान सूखा जैसी स्थिति थी और बारिश नहीं हो रही थी। लेकिन अब लगातार हो रही बारिश से जलस्तर काफी बढ़ गया है। क्षेत्र के कुएं, तालाब और खेत पानी से पूरी तरह लबालब भर चुके हैं। लोगों का कहना है कि अब पानी पर्याप्त मात्रा में मिल चुका है, इसलिए यदि कुछ समय के लिए बारिश थम जाए तो फसलों और आम जनता दोनों को बड़ा फायदा होगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, खुरई में अब तक कुल 877.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो औसत से काफी अधिक है।
खुरई में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, फसलों पर मंडराया संकट; रविवार को मिली राहत







