उपायुक्त को दी गई लिखित शिकायत
पाकुड़, प्रतिनिधि
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, रहसपुर में प्रबंधन समिति के गठन और अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर बड़े पैमाने पर अनियमितता और धांधली के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपकर पूरी चयन प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
यह शिकायतकर्ता मोतिजुर रहमान के नेतृत्व में दर्ज कराई गई है, जिसमें उनके साथ विद्यालय के कई अन्य ग्रामीण और अभिभावक भी इस अनुचित प्रक्रिया के खिलाफ मुखर नजर आए।
शिकायत में बताया गया कि 03 सितंबर को विद्यालय प्रबंध समिति के गठन व अध्यक्ष पद के लिए आमसभा और पर्ची के माध्यम से मतदान कराया गया था। आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही नियमों के विरुद्ध जाकर काबिल शेख को अध्यक्ष बनाने की साठगांठ कर ली गई थी।
मतदान के दौरान कुल 858 वोट पड़ने की बात कही गई है। आरोप है कि वोटों की गिनती में भारी गड़बड़ी की गई। पर्चियों को बदलने तथा नियमों के विरुद्ध जाकर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशानों में हेरफेर कर फर्जीवाड़ा किया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें भारी समर्थन मिलने और कुल 858 वोट प्राप्त होने के बावजूद, सुनियोजित षड्यंत्र के तहत दूसरे पक्ष के उम्मीदवार को विजेता घोषित कर दिया गया, जबकि मौके पर कोई वैध या पारदर्शी घोषणा नहीं की गई थी।
अनियमितता के खिलाफ मुखर होते हुए सैकड़ों ग्रामीणों और अभिभावकों की टोली जिला समाहरणालय पहुंची, जहां उन्होंने उपायुक्त और डीईईओ से मिलकर एसएमसी गठन में हुई धांधली की विस्तृत जानकारी दी।
रहसपुर की मुखिया गीता कुमारी माल ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष पद के चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक मतदाताओं को मतदान से वंचित कर दिया गया और हेडमास्टर द्वारा कथित तौर पर ‘सेटिंग’ करके कुछ ही चुनिंदा लोगों से फर्जी पर्चियां कटवाकर मतदान कराया गया। मुखिया समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने प्रशासन से इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।
पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि मोहम्मद हजरत अली ने वैध मतों की गिनती में हेरफेर करने का आरोप लगाते हुए हेडमास्टर और प्रेक्षक पर पक्षपात करने के गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों ने लिखित दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
अनुचित और नियम-विरुद्ध तरीके से किए गए एसएमसी के गठन तथा अध्यक्ष के चयन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
चुनाव के दौरान बरती गई लापरवाही और कथित संलिप्तता के लिए दोषी अधिकारियों पर आवश्यक कार्रवाई हो।
पुनः चुनाव: विद्यालय के हित और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से निष्पक्ष तरीके से अध्यक्ष का चयन कराया जाए।









